2.
3.
गुग्गुल गोंद को दिन मे दो बार पानी में घोलकर या हल्का गुनगुना कर सेवन करने से वजन कम करने में मदद मिलती है।
4.
करेले की अध कच्ची सब्जी भी वजन कम करने में काफी
मदद करती है, उत्तर मध्यप्रदेश के आदिवासी सहजन या मुनगा की फलियों की
सब्जी को मोटापा कम करने में असरकारक मानते हैं
4.
सोंठ, दालचीनी की छाल और काली मिर्च (3 ग्राम
प्रत्येक) लेकर कुचल लिया जाए और चूर्ण बनाया जाए। इस पूरे चूर्ण को दो
हिस्सों में बांटकर एक हिस्सा सुबह खाली पेट और दूसरा रात सोने से पहले
लिया जाना चाहिए। चूर्ण को एक पानी में डालकर, घोलकर पिया जा सकता है।
5.
5.
पुदीना की ताजी हरी पत्तियों की चटनी बनाई जाए और
चपाती के साथ सेवन किया जाए, असरकारक होती है। आदिवासी पुदीना की चाय भी
पीने की सलाह देते हैं।
6.
6.
हर्रा या हरड और बहेडा के फल का चूर्ण एक एक चम्मच
लेकर 50 ग्राम परवल का जूस (1 गिलास) के साथ मिलाकर प्रतिदिन लिया जाए, वजन
तेजी से कम होने लगता है तथा शारीरिक थकान में भी कमी आती है।
7.
7.
8.
लटजीरा या चिरचिटा के बीजों को एकत्र करके, किसी
मिट्टी के बर्तन में हल्की आंच पर भून लिया जाए और एक-एक चम्मच दिन में दो
बार फांकी मार ली जाए, बस देखिए कितनी तेजी से फायदा होता है।
9.
ताजी पत्ता गोभी का रस भी वजन कम करने में काफी मदद
करता है। आदिवासियों के अनुसार प्रतिदिन रोज सुबह ताजी हरी पत्ता गोभी को
पीसकर रस तैयार किया जाए और पिया जाए तो यह शरीर की चर्बी को गलाने में मदद
करता है। रोचक बात यह भी है कि आधुनिक विज्ञान भी इस बात की पैरवी करता है
कि कच्ची पत्ता गोभी शर्करा और अन्य कार्बोहाइड्रेट को वसा में बदलने से
रोकती है और यह वजन कम करने में सहायक है
10.9.

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